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Quiz 08 | Physics GK | General Knowledge MCQ Questions with Answers

Physics GK (General Knowledge) MCQ Questions with Answers (Quiz 08)

Physics GK (General Knowledge) MCQ Questions with Answers (Quiz 08): अगर आप किसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो जनरल नॉलेज को अच्छी करना ( या अच्छी तरह से याद रखना ) बेहद जरूरी है । तो चलिए जानते हैं कौन-से सवाल जो आएंगे आपके काम – 

 
सभी प्रश्‍नों के उत्‍तर याद करना सभी के लिए लगभग असंभव है, आज हम आपको बता रहे हैं उन सभी खास प्रश्‍नों को उनके उत्‍तर के साथ जो प्रतियोगी परिक्षाओं से लेकर जॉब इंटरव्‍यू में ज्‍यादातर पूछे जाते हैं । अगर आपको इन प्रश्‍नों के उत्‍तर पता हैं तो आपकी मुश्‍किलें हल हो जाएंगी ।

1. कौन सी धातु ऊष्मा की कुचालक होती है?

(A) सीसा

(B) तांबा

(C) सोना

(D) इनमें से कोई नहीं

(A) सीसा

जिन पदार्थों की ऊष्मा चालकता अधिक होती है उनसे होकर समान समय में अधिक ऊष्मा प्रवाहित होती है (यदि अन्य परिस्थितियाँ, जैसे ताप का अन्तर, पदार्थ की लम्बाई और क्षेत्रफल आदि समान हों)। जिन पदार्थों की ऊष्मा चालकता बहुत कम होती हैं उन्हें ऊष्मा का कुचालक (थर्मल इन्सुलेटर) कहा जाता है। सीसा ऊष्मा की सर्वाधिक कुचालक है।

2. आण्विक संघटन के द्वारा ऊष्मा का सम्प्रेषण क्या कहलाता है?

(A) संवहन

(B) विकिरण

(C) चालन

(D) प्रकीर्णन

(A) संवहन

आण्विक संघटन के द्वारा ऊष्‍मा का सम्‍प्रेषण संवहन कहलाता है। 

संवहन (Convection) ऊष्मा के स्थानान्तरण या संचरण की एक विधि है। किसी तरल पदार्थ (गैस, द्रव या प्लाज्मा) में अणुओं के समग्र स्थानान्तरण द्वारा ऊष्मा का लेन-देन होता है। ठोसों में संवहन सम्भव नही है किन्तु तरल पदार्थों में संवहन ऊष्मा के अन्तरण की एक मुख्य विधि है। संवहन द्वारा द्रव्यमान का भी स्थानान्तरण होता है। 

संवहन द्वारा द्रव्यमान के इस स्थानान्तरण के कारण ऊष्मा का स्थानान्तरण (ट्रांस्फर) होता है। अणुओं की इस प्रकार की गति को संवहन धारा कहते हैं।

3. निम्नलिखित द्रवों में कौन-सा ऊष्मा का बहुत अच्छा चालक है?

(A) ईथर

(B) बेंजीन

(C) पारा

(D) पानी

(C) पारा

हम जानते हैं कि पारा एकमात्र ऐसी धातु है जो द्रव अवस्था में पाई जाती है। इसमें थर्मल विस्तार के गुणांक का एक बड़ा मूल्य है। इस प्रश्न पर पहुँचने से पहले हमें इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए। तापीय प्रसार गुणांक सभी पदार्थों में निहित गुण है जो तापमान में परिवर्तन के साथ आकार में परिवर्तन का वर्णन करता है। हम जानते हैं कि पारे का ऊष्मीय विस्तार के गुणांक का एक बड़ा मूल्य है। इसलिए, पारा कंटेनर के आकार में तापमान में सबसे छोटा परिवर्तन भी स्पष्ट है। 

तापीय चालकता के लिए इसका पर्याप्त मूल्य भी है। इन सबके साथ, इसमें बहुत कम क्वथनांक भी होता है जो इसे तापमान के उच्च मूल्यों को मापने के लिए उपयुक्त बनाता है। ये सभी कारक पारा को ऊष्मा का एक अच्छा संवाहक बनाते हैं और यही कारण है कि विशेष रूप से उपकरणों को मापने में इसका एक बड़ा अनुप्रयोग स्पेक्ट्रम है।

4. ठोस से द्रव में पदार्थ की अवस्था परिवर्तन को क्या कहते हैं?

(A) वाष्पन

(B) गलन

(C) क्वथन

(D) इनमें से कोई नहीं

(B) गलन

जैसे जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है तो बहुत अधिक देर तक उच्च ताप पर गर्म करने पर यह ठोस से द्रव में परिवर्तित होता है अत: यह ठोस पदार्थ की अवस्था परिवर्तन है, ठीक ऐसे ही जब द्रव को और अधिक गर्म किया जाता है तो यह वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने लगता है, इसे द्रव की अवस्था परिवर्तन कहते है। 

ठोस से द्रव में परिवर्तन को 'गलन' (melting), तथा द्रव से गैस अथवा वाष्प में परिवर्तन को 'वाष्पन' (vaporization) कहते हैं। जब कोई ठोस (द्रव अवस्था में गये बिना) सीधे गैस बन जाता है तो इस प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं। यानि गैस से सीधे ठोस में बदलने की प्रक्रिया को भी ‘ऊर्ध्वपातन’ (sublimation) कहते हैं।

5. ठोस कपूर से कपूर वाष्प बनाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

(A) ऊर्ध्वपातन

(B) वाष्पीकरण

(C) पिघलना

(D) इनमें से कोई नहीं

(A) ऊर्ध्वपातन

जब कोई ठोस (द्रव अवस्था में गये बिना) सीधे गैस बन जाता है तो इस प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं। यानि गैस से सीधे ठोस में बदलने की प्रक्रिया को भी ऊर्ध्वपातन कहते हैं। उदाहरण: अमोनियम क्लोराइड तथा कपूर को खुले में छोड़ देने से उनका ऊर्ध्वपातन हो जाता है। ऐसा ही ठोस कार्बन डाइऑक्साइड के साथ होता है।

6. किसी द्रव का उसके क्वथनांक से पूर्व वाष्प में बदलना क्या कहलाता है?

(A) संघनन

(B) हिमीकरण

(C) वाष्पीकरण

(D) इनमें से कोई नहीं

(C) वाष्पीकरण

वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई द्रव अपने क्वथनांक से भी कम ताप पर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। वाष्पीकरण एक सतही परिघटना है। जल को खुला छोड़ देने पर यह धीरे-धीरे वाष्प में परिवर्तित हो जाता है।

7. ऊष्मागतिकी का पहला नियम किस के संरक्षण के नियम का पुन: कथन है?

(A) संवेग

(B) ऊर्जा

(C) ऊर्जा और संवेग दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं

(B) ऊर्जा

ऊष्मागतिकी का पहला नियम ऊर्जा के संरक्षण के नियम का पुन: कथन है। इसके अनुसार एक पृथक प्रणाली में ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; ऊर्जा को केवल एक रूप से दूसरे में स्थानांतरित या बदला जा सकता है।

8. यदि किसी स्थान के तापमान में वृद्धि होती है तो आपेक्षिक आद्रता क्या होती है?

(A) बढ़ती है

(B) घटती है

(C) स्थिर रहती है

(D) घटती-बढ़ती रहती है

(B) घटती है

तापमान एक ऐसी चीज है जो हमें किसी भी वस्तु की ठंडक या गर्माहट के बारे में बताती है जिसे आमतौर पर सेल्सियस और फारेनहाइट में मापा जाता है। यह गर्मी की तीव्रता को निर्धारित करता है जबकि अगर हम आर्द्रता के बारे में बात करते हैं, तो यह हवा में मौजूद पानी की मात्रा के बारे में बात करता है, या बस हम कह सकते हैं कि यह हवा की नमी को निर्धारित करता है। ये दोनों अवधारणाएँ अलग-अलग हैं लेकिन एक-दूसरे पर बहुत प्रभाव डालती हैं। 

आर्द्रता और तापमान सूत्र के बीच संबंध केवल यह कहता है कि वे व्युत्क्रमानुपाती हैं। यदि तापमान बढ़ता है तो इससे सापेक्ष आर्द्रता में कमी आएगी, इस प्रकार हवा शुष्क हो जाएगी जबकि तापमान कम होने पर हवा गीली हो जाएगी अर्थात सापेक्षिक आर्द्रता बढ़ जाएगी।

9. वायु में ध्वनि तरंगों की प्रकृति क्या है?

(A) अनुदैर्ध्य

(B) अप्रगामी

(C) अनुप्रस्थ

(D) विद्युत् चुम्बकीय

(A) अनुदैर्ध्य

ध्वनि तरंगों अनुदैर्ध्य तरंगें कहलाती हैं क्योंकि इन तरंगों में माध्यम के कणों का विस्थापन विक्षोभ के संचरण की दिशा के समांतर होता है। कण एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति नहीं करते बल्कि अपनी विराम अवस्था से आगे-पीछे दोलन करते हैं तथा ध्वनि तरंगें इसी प्रकार संचरित होती हैं।

10. ध्वनि की चाल किसमें अधिकतम होती है?

(A) जल में

(B) वायु में

(C) निर्वात में

(D) इस्पात में

(D) इस्पात में

स्टील में ध्वनि तरंग की गति अधिकतम होती है। 

हवा में ध्वनि तरंगों का वेग 330 मी/से है। 

स्टील में ध्वनि तरंगों का वेग 5920 मी/से है। 

शून्य में ध्वनि तरंगों का वेग शून्य होता है। 

पानी में ध्वनि तरंगों का वेग 1480 मी/से है।

11. ध्रुवण की घटना कौन सी तरंगों में नहीं होती है?

(A) रेडियो तरंगें

(B) प्रकाश तरंगें

(C) x - किरणें

(D) ध्वनि तरंगें

(D) ध्वनि तरंगें

जब सामान्य प्रकाश को टूरमैलीन क्रिस्टल से गुजारा जाता है तो बाहर निकलने वाला प्रकाश की तरंगों का कम्पन्न केवल एक ही तल में होते है , जिन प्रकाश तरंगों का कम्पन्न एक ही तल में होता है उस प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश कहते है और अध्रुवित प्रकाश से ध्रुवित प्रकाश में परिवर्तन की घटना को ध्रुवण कहते है।

 रेडियो तरंगें, x - किरणें और दृश्यमान प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ तरंगों की श्रेणी में आती हैं। इसलिए उन्हें ध्रुवीकृत किया जा सकता है। ध्वनि तरंगें (ध्वनिक तरंगें) अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं इसलिए इन्हें ध्रुवीकृत नहीं किया जा सकता है।

12. ध्वनि तरंगे किसके कारण प्रतिध्वनि उत्पन्न करते हैं?

(A) विवर्तन

(B) अपवर्तन

(C) परावर्तन

(D) इनमें से कोई नहीं

(C) परावर्तन

सही उत्तर ध्वनि का परावर्तन है। ध्वनि के परावर्तन के कारण प्रतिध्वनि उत्पन्न होती है। ऊंची मीनार या पहाड़ों से परावर्तित होने के बाद प्राप्त होने वाली ध्वनि तरंगों को प्रतिध्वनि कहते हैं। एक प्रतिध्वनि सुनने के लिए, प्रेक्षक और परावर्तक के बीच की न्यूनतम दूरी 17 मीटर (16.6 मीटर) होनी चाहिए। 

जब ध्वनि अपने स्रोत से चलकर किसी अवरोध(पहाड़ी या दिवार )से टकराती है तो वह परावर्तित हो जाती है और बाद में सुनाई देती है। ध्वनि की एक निश्चित समय के बाद इस पुनरावर्त्ति को प्रतिध्वनि कहते है।

13. रेडियो का समस्वरण स्टेशन किसका उदाहरण है?

(A) अनुनाद

(B) अपवर्तन

(C) व्यतिकरण

(D) परावर्तन

(A) अनुनाद

भौतिकी में बहुत से तंत्रों (सिस्टम्स्) की ऐसी प्रवृत्ति होती है कि वे कुछ आवृत्तियों पर बहुत अधिक आयाम के साथ दोलन करते हैं। इस स्थिति को अनुनाद (रिजोनेन्स) कहते हैं। जिस आवृत्ति पर सबसे अधिक आयाम वाले दोलन की प्रवृत्ति पायी जाती है, उस आवृत्ति को अनुनाद आवृत्ति (रेसोनेन्स फ्रिक्वेन्सी) कहते हैं। 

सभी प्रकार के कम्पनों या तरंगों के साथ अनुनाद की घटना जुड़ी हुई है। 

रेडियो और टीवी के अन्दर एक ट्यून्ड परिपथ (tuned circuit) होता है जिसकी सहायता से किसी एक स्टेशन या चैनेल को चुनकर उसे सुना या देखा है। जब हम रेडियो का 'नाब' घुमाते हैं तो वस्तुतः इस ट्यून्ड परिपथ की अनुनाद आवृत्ति को ही बदल रहे होते हैं। किसी समय इस परिपथ की अनुनाद आवृत्ति जिस किसी स्टेशन या चैनेल की आवृत्ति से मेल खाती है (matches), वह चैनेल हमे प्राप्त होता है।

14. डॉप्लर प्रभाव से संबंधित कौन है?

(A) मुद्रा प्रचलन

(B) मनोविज्ञान

(C) ध्वनि

(D) जनसंख्या

(C) ध्वनि

ध्वनि वह ऊर्जा है, जो डॉप्लर प्रभाव से संबंधित है। 

जब किसी ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच आपेक्षिक गति होती है तो श्रोता को जो ध्वनि सुनाई पड़ती है उसकी आवृत्ति मूल आवृति से कम या अधिक होती है। इसी को डॉप्लर प्रभाव (Doppler effect) कहते हैं।

15. कौन-सी तरंगें शून्य में संचरण नहीं कर सकती?

(A) ऊष्मा

(B) ध्वनि

(C) प्रकाश

(D) इनमें से कोई नहीं

(B) ध्वनि

ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है न कि विद्युतचुम्बकीय तरंग। प्रकाश विद्युतचुम्बकीय तरंग है। 

ध्वनि के संचरण के लिये माध्यम की जरूरत होती है। ठोस द्रव, गैस एवं प्लाज्मा में ध्वनि का संचरण सम्भव है। निर्वात में (शून्य में) ध्वनि का संचरण नहीं हो सकता। 

द्रव, गैस एवं प्लाज्मा में ध्वनि केवल अनुदैर्घ्य तरंग (longitudinal wave) के रूप में चलती है जबकि ठोसों में यह अनुप्रस्थ तरंग (transverse wave) के रूप में भी संचरण कर सकती है। जिस माध्यम में ध्वनि का संचरण होता है यदि उसके कण ध्वनि की गति की दिशा में ही कम्पन करते हैं तो उसे अनुदैर्घ्य तरंग कहते हैं; जब माध्यम के कणों का कम्पन ध्वनि की गति की दिशा के लम्बवत होता है तो उसे अनुप्रस्थ तरंग कहते है।

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