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Quiz 10 | Computer GK | General Knowledge MCQ Questions with Answers

Computer GK (General Knowledge) MCQ Questions with Answers (Quiz 10)

Computer GK (General Knowledge) MCQ Questions with Answers (Quiz 10): अगर आप किसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो जनरल नॉलेज को अच्छी करना ( या अच्छी तरह से याद रखना ) बेहद जरूरी है । तो चलिए जानते हैं कौन-से सवाल जो आएंगे आपके काम – 


सभी प्रश्‍नों के उत्‍तर याद करना सभी के लिए लगभग असंभव है, आज हम आपको बता रहे हैं उन सभी खास प्रश्‍नों को उनके उत्‍तर के साथ जो प्रतियोगी परिक्षाओं से लेकर जॉब इंटरव्‍यू में ज्‍यादातर पूछे जाते हैं । अगर आपको इन प्रश्‍नों के उत्‍तर पता हैं तो आपकी मुश्‍किलें हल हो जाएंगी ।
 

1. निम्नलिखित में से कौन-सा मशीन इंडिपेंडेंट प्रोग्राम है?

(A) लो लेवल लैंग्वेज

(B) हाई लेवल लैंग्वेज

(C) एसेंबिल लैंग्वेज

(D) मशीन लैंग्वेज

(B) हाई लेवल लैंग्वेज

हाई लेवल लैंग्वेज एक ऐसी प्रोग्रामिंग भाषा है जिससे की कंप्यूटर प्रोग्राम्स काफी सरलता से लिखे जा सकते हैं। ये एक ऐसी तरह की भाषा होती है जिसकी एक निर्धारित Syntax होती है। इसके साथ - साथ High-level language को किसी इंसान द्वारा भी आसानी से पढ़ा तथा समझा जा सकता है।

2. गलती एक एल्गोरिदम है जिससे “गलत” परिणाम निकलते हैं, इसे क्या कहते हैं?

(A) लॉजिकल एरर

(B) कम्पाइलर एरर

(C) मशीन एरर

(D) ये सभी

(A) लॉजिकल एरर

गलती एक एल्गोरिदम है जिससे “गलत” परिणाम निकलते हैं, इसे लॉजिकल एरर कहते हैं। logic error (या logical error) एक mistake होता है एक program के source code में जिससे की परिणाम में गलती या unexpected बर्ताव देखने को मिलती है। ये एक प्रकार का runtime error होता है। जिससे की simply गलत output पैदा होता है या इससे एक program crash भी हो सकता है जब वो चल रहा हो।

3. मशीन लैंग्वेज क्या प्रयोग करती है?

(A) इंग्लिश लैंग्वेज कोड

(B) निमोनिक कोड

(C) जावा कोड

(D) ये सभी

(B) निमोनिक कोड

Mnemonic code (निमोनिक कोड) वो कोड होते हैं जिनके द्वारा Assemble Language में कोड / प्रोग्राम लिखना और समझना आसान हो जाता है। पहले आपको बता दूँ की कंप्यूटर केवल एक ही भाषा समझता है, जिसे Machine Language कहा जाता है, और ये मशीनी भाषा बाइनरी कोड में लिखी जाती है, जिसमें केवल 0 और 1 दो ही अंक होते हैं। इन बाइनरी कोड को हमारे लिए समझना और उसमें प्रोग्राम लिखना बहुत ही मुश्किल होता है, इसलिए कंप्यूटर वैज्ञानिकों ने अपने काम को आसान करने के लिए असेम्ब्ली भाषा (Assemble Language) को डेवलप किया, जिसे Symbolic Language भी कहा जाता है, जिसमें 0 और 1 के स्थान पर ऐसे Words और Digits का प्रयोग किया, जिसे इंसान आसानी से पहचान सकता है और याद रख सकता है, लेकिन इसमें एक खास बात होती है, ये Word पुरे नहीं होते, इनके सिर्फ Short form ही इस्तेमाल किये जाते हैं, जैसे कि Execute के लिए Exe, Translation के लिए Tran, Increase by one के लिए inc इस्तेमाल होता है।

4. कंप्यूटर डाटा स्टोर और गणनाएं करने के लिए किस नंबर सिस्टम का प्रयोग करते हैं?

(A) हेक्साडेसिमल

(B) ओक्टल

(C) बाइनरी

(D) दशमलव

(C) बाइनरी

बाइनरी नंबर सिस्टम का उपयोग कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है क्योंकि यह सबसे सरल गणना पद्धति उपलब्ध है। इसके अलावा, बाइनरी नंबर सिस्टम का उपयोग स्क्रीन पर मेमोरी से लेकर इमेज तक सब कुछ कोड करने के लिए किया जाता है। इस प्रकार, यह अधिकांश डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में डेटा के भंडारण और हस्तांतरण का आधार है।

5. निम्नलिखित में से स्टोरेज का सबसे बड़ा यूनिट कौन-सा है?

(A) KB

(B) TB

(C) MB

(D) GB

(B) TB

1 बिट = एक "1" की संख्या व एक "0" की संख्या मिल कर एक बिट होता है, 

(उदाहरणार्थ 01 अर्थात एक बिट) 

8 बिट = 1बाइट, 

(उदाहरणार्थ - 0101010101010101 = 1बाइट, यह बायनरी सिस्टम कहलाता है) 

इसके आगे की गणना निम्न अनुसार है। 

1,024 बाइट = 1 किलो बाइट KB, 

1024 किलो बाइट = 1 मेगा बाइट MB, 

1024 मेगा बाइट = 1 गीगा बाइट GB, 

1024 गीगा बाइट = 1 टेरा बाइट TB, 

1024 टेरा बाइट = 1 पेटा बाइट PB, 

1024 पेटा बाइट = 1एक्सा बाइट EB, 

1024 एक्सा बाइट = 1 ज़ेटा बाइट ZB

6. बिट किसका का लघु रूप है?

(A) मेगाबाइट

(B) बाइनरी लैंग्वेज

(C) बाइनरी डिजिट

(D) बाइनरी नंबर

(C) बाइनरी डिजिट

द्वयंक या बिट (bit) कम्प्यूटरी तथा अंकीय संचार में प्रयुक्त सूचना की आधारभूत इकाई है। द्वयंक के केवल दो मान संभव हैं- या तो शून्य (०) या एक (१)। इसे भौतिक रूप से किसी ऐसी युक्ति द्वारा निरूपित किया जाता है जिसकी दो अवस्थाएँ हों जैसे (सही अथवा गलत, स्विच चालू या बन्द, जमा या घटा।)। जिस प्रकार Bit, 'Binary Digit' का लघु रूप है; उसी प्रकार 'द्वयंक', 'द्वि-आधारी अंक' का लघु रूप है ( द्वयंक = द्वि + अंक )।

7. एक बाइट से कितने बिट होते हैं?

(A) 24

(B) 12

(C) 8

(D) 512

(C) 8

1 बिट = एक "1" की संख्या व एक "0" की संख्या मिल कर एक बिट होता है, 

 (उदाहरणार्थ 01 अर्थात एक बिट) 

8 बिट = 1बाइट, 

(उदाहरणार्थ - 0101010101010101 = 1बाइट, यह बायनरी सिस्टम कहलाता है) 

इसके आगे की गणना निम्न अनुसार है। 

1,024 बाइट = 1 किलो बाइट KB, 

1024 किलो बाइट = 1 मेगा बाइट MB, 

1024 मेगा बाइट = 1 गीगा बाइट GB, 

1024 गीगा बाइट = 1 टेरा बाइट TB, 

1024 टेरा बाइट = 1 पेटा बाइट PB, 

1024 पेटा बाइट = 1एक्सा बाइट EB, 

1024 एक्सा बाइट = 1 ज़ेटा बाइट ZB

8. कंप्यूटर मेमोरी की सबसे छोटी इकाई क्या कहलाती है?

(A) बिट

(B) बाइट

(C) मेगाबाइट

(D) ये सभी

(A) बिट

1 बिट = एक "1" की संख्या व एक "0" की संख्या मिल कर एक बिट होता है, 

(उदाहरणार्थ 01 अर्थात एक बिट) 

8 बिट = 1बाइट, 

(उदाहरणार्थ - 0101010101010101 = 1बाइट, यह बायनरी सिस्टम कहलाता है) 

इसके आगे की गणना निम्न अनुसार है। 

1,024 बाइट = 1 किलो बाइट KB, 

1024 किलो बाइट = 1 मेगा बाइट MB, 

1024 मेगा बाइट = 1 गीगा बाइट GB, 

1024 गीगा बाइट = 1 टेरा बाइट TB, 

1024 टेरा बाइट = 1 पेटा बाइट PB, 

1024 पेटा बाइट = 1एक्सा बाइट EB, 

1024 एक्सा बाइट = 1 ज़ेटा बाइट ZB

9. कितना बाइट मिलकर एक किलोबाइट बनता है?

(A) 4096

(B) 1024

(C) 2048

(D) इनमें से कोई नहीं

(B) 1024

1 बिट = एक "1" की संख्या व एक "0" की संख्या मिल कर एक बिट होता है, 

(उदाहरणार्थ 01 अर्थात एक बिट) 

8 बिट = 1बाइट, 

(उदाहरणार्थ - 0101010101010101 = 1बाइट, यह बायनरी सिस्टम कहलाता है) 

इसके आगे की गणना निम्न अनुसार है। 

1,024 बाइट = 1 किलो बाइट KB, 

1024 किलो बाइट = 1 मेगा बाइट MB, 

1024 मेगा बाइट = 1 गीगा बाइट GB, 

1024 गीगा बाइट = 1 टेरा बाइट TB, 

1024 टेरा बाइट = 1 पेटा बाइट PB, 

1024 पेटा बाइट = 1एक्सा बाइट EB, 

1024 एक्सा बाइट = 1 ज़ेटा बाइट ZB

10. बाइनरी नंबर प्रणाली में कितने अंक होते हैं?

(A) 1

(B) 4

(C) 2

(D) 8

(C) 2

Binary Number System (द्विआधारी संख्या प्रणाली): बाइनरी नंबर सिस्टम में केवल दो अंक '0' और '1' होते हैं। इस द्विआधारी संख्या प्रणाली को बेस 2 नंबर सिस्टम (Base 2 Number System) भी कहते है क्योंकि द्विआधारी संख्या प्रणाली (बाइनरी नंबर प्रणाली) का आधार 2 है, क्योंकि इसमें केवल दो अंक हैं।

11. अक्षरों तथा चिन्हों को बाइटों में स्टोर करने की विधि को क्या कहते हैं?

(A) अल्फा सिस्टम

(B) नंबर सिस्टम

(C) बाइट सिस्टम

(D) कोडिंग सिस्टम

(D) कोडिंग सिस्टम

अंग्रेजी के समस्त अक्षर व चिन्हो को ASCII (ऑस्की कोड) के तहद अलग अलग बायनरी कोड दिए गए हैं। बायनरी कोड अर्थात "0" "1" से मिल कर बना विशिष्ठ कोड होता है। बायनरी का एक अंक जैसे 0 या 1 बिट कहलाता है। आठ बिट मिल कर एक बाईट बनता है। इन बाईट्स को स्टोर करने को डिजिटलाइजेशन (डिजिटलीकरण) कहते हैं।

12. कंप्यूटर में किसी शब्द की लम्बाई किसमें मापते है?

(A) बाइट

(B) बिट

(C) मेगा बाइट

(D) गीगा बाइट

(B) बिट

कंप्यूटर में किसी शब्द की length को बीट (bit) के द्वारा नापा जाता है, 

1 बिट = एक "1" की संख्या व एक "0" की संख्या मिल कर एक बिट होता है, 

 (उदाहरणार्थ 01 अर्थात एक बिट) 

8 बिट = 1बाइट, 

(उदाहरणार्थ - 0101010101010101 = 1बाइट, यह बायनरी सिस्टम कहलाता है) 

इसके आगे की गणना निम्न अनुसार है। 

1,024 बाइट = 1 किलो बाइट KB, 

1024 किलो बाइट = 1 मेगा बाइट MB, 

1024 मेगा बाइट = 1 गीगा बाइट GB, 

1024 गीगा बाइट = 1 टेरा बाइट TB, 

1024 टेरा बाइट = 1 पेटा बाइट PB, 

1024 पेटा बाइट = 1एक्सा बाइट EB, 

1024 एक्सा बाइट = 1 ज़ेटा बाइट ZB

13. लॉजिक गेट (Logic Gate) क्या है?

(A) एक विशेष सीडी

(B) एक सॉफ्टवेयर

(C) एक प्रकार का सर्किट

(D) एक कंप्यूटर गेम

(C) एक प्रकार का सर्किट

Logic Gate (लॉजिक गेट) किसी भी डिजिटल सिस्टम के मूल बिल्डिंग ब्लॉक हैं। ये वे भौतिक उपकरण हैं जो तार्किक संचालन (logical operation) करते हैं। लॉजिकल ऑपरेशन को स्विचिंग ऑपरेशन भी कहा जाता है। लॉजिक गेट एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट है जिसमें एक या एक से अधिक इनपुट होते हैं और केवल एक आउटपुट होता है।

14. कंप्यूटर पर इनफार्मेशन किस रूप में स्टोर किया जाता है?

(A) डिजिटल डाटा

(B) एनालाग डाटा

(C) मॉडेम डाटा

(D) बाइट डाटा

(A) डिजिटल डाटा

कंप्यूटर में डाटा को बेसिक रूप से ‘**बाइनरी (1,0)**‘ के रूप में स्टोर किया जाता है। कंप्यूटर के मेमोरी कार्ड में डाटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टोर किया जाता है जोकि परिवर्तित होकर बाइनरी (1 और 0) के रूप में मेमोरी में स्टोर होता है।

15. कौन सा एक प्रोग्राम है जिससे कंप्यूटर का उपयोग करना आसान हो जाता है?

(A) ऍप्लिकेशन

(B) ऑपरेटिंग सिस्टम

(C) नेटवर्क

(D) यूटिलिटी

(D) यूटिलिटी

यूटिलिटी एक प्रोग्राम है जिससे कंप्यूटर का उपयोग करना आसान हो जाता है। Utility Software कंप्यूटर सिस्टम का एक ऐसा प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर होता हैं जो कम्प्युटर को Configure, Optimize, Troubleshooting तथा Maintenance करने में मदद करता हैं। यूटिलिटी सॉफ्टवेयर System Software की श्रेणी में आते है इसलिए बहुत सारे यूटिलिटी सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आते है जैसे- Disk Defragmenter, Disk Cleanup, Windows Defender, Disk Management, Resources Monitor इत्यादि। इसके अलावा कुछ Utility Software अपने जरुरत के अनुसार अलग से भी इनस्टॉल करते है जैसे- Antivirus, Disk Cleaner इत्यादि। सामान्य तौर पर Utility Software को केवल Utility या Utilities भी बोला जाता है।

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